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Benefits of chanting Bhagwan's Name - 4

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ll HARE RAM ll { विविध कार्यो के लिये भगवन्नामों का जप-स्मरण } सर्व प्रकार

के अभ्युदय के लियेश्रीशं सर्वाभ्युदयिके कर्मण्याशु प्रकीर्तयेत्॥सम्पूर्ण अभ्युदय-सम्बन्धी कर्मो में शीघ्रतापूर्वक श्रीश (श्रीपति)- का उच्चस्वर से कीर्तन करे।

अरिष्ट-निवारण के लियेअरिष्टेषु ह्यशेषेषु विशोकं च सदा जपेत्।सम्पूर्ण अरिष्टों के निवारण के लिये सदा विशोक नाम का जप करे। आँधी-तूफान आदि उपद्रवों के

समयमरुत्प्रपातागिन्जलबन्धनादिषु मृत्युषु।स्वतन्त्रपरतन्त्रेषु वासुदेवं जपेद् बुध:॥स्वेच्छा या परेच्छावश अथवा स्वाधीन या पराधीन अवस्था में किसी निर्जन

स्थान में पहुँचने पर आँधी-तूफान (ओलावर्षा), अगिन् (दावानल), जल (अगाध जलराशि में निमज्जन) तथा बन्धन आदि के कारण मृत्यु या प्राणसंकट की अवस्था प्राप्त हो तो बुद्धिमान्

मनुष्य वासुदेव नाम का जप करे। (ऐसा करने से बाधाएँ दूर हो जाती है।) कलियुग के दोष-नाश के लियेतन्नास्ति कर्मजं लोके वाग्जं मानसमेव वा।यन्न क्षपयते पापं कलौ

गोविन्दकीर्तनात्॥कलियुग में इस जगत् के भीतर ऐसा कोई कर्मज (शारीरिक), वाचिक और मानसिक पाप नहीं है, जिसे मनुष्य गोविन्द नाम का कीर्तन करके नष्ट न कर दे। शमायालं जलं

वह्नेस्तमसो भास्करोदय:।शान्त्यै कलेरघौस्य नामसंकीर्तनं हरे:॥जैसे आग बुझा देने के लिये जल और अन्धकार को नष्ट कर देने के लिये सूर्योदय समर्थ है, उसी प्रकार कलियुग की

पापराशि का शमन करने के लिये श्रीहरि का नाम-कीर्तन समर्थ है। पराकचान्द्रायणतप्तकृच्छै्रर्न देहशुद्धिर्भवतीति तादृक्।कलौ सकृन्माधवकीर्तनेन गोविन्दनामन

भवतीह यादृक्॥कलियुग में एक बार माधव या गोविन्द नाम के कीर्तन से यहाँ जीव की जैसी शुद्धि होती है, वैसी इस जगत् में पराक, चान्द्रायण तथा तप्त कृच्छ्र आदि बहुत-से

प्रायश्चित्तों द्वारा भी नहीं होती। सकृदुच्चारयन्त्येतद् दुर्लभं चाकृतात्मनाम्।कलौ युगे हरेर्नाम ते कृतार्था न संशय:॥जो कलियुग में अपुण्यात्माओं

के लिये दुर्लभ इस हरि-नाम का एक बार उच्चारण कर लेते हैं, वे कृतार्थ हो गये हैं, इसमें संशय नहीं। Regards Shashie Shekhar HARE_RAM Astro_Remedies Shashi Shekhar Sharma

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